ग्रामीण उद्यमिता के तहत भुसावर में कृषि मॉडल प्रतियोगिता आयोजित, समन्वित खेती मॉडल रहा आकर्षण का केंद्र कृषि महाविद्यालय भुसावर में ग्रामीण उद्यमिता कृषि जागरूकता अभियान के तहत आज पोस्टर एवं मॉडल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में कृषि स्नातकों

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को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई। महाविद्यालय के डीन डॉ. उदय भान सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता में समन्वित कृषि मॉडल को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि एकल खेती के बजाय फसलों के साथ बागवानी, पशुपालन और गोबर गैस प्लांट को अपनाएं। इससे न केवल आमदनी बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण को भी लाभ होगा। डॉ. सिंह ने बताया कि फसलों से प्राप्त भूसा व अनाज पशुओं के चारे में उपयोग किया जा सकता है और दूध से अतिरिक्त आमदनी होती है। वहीं, गोबर गैस प्लांट से रसोई गैस और प्रकाश की व्यवस्था हो सकती है, साथ ही उससे मिलने वाली स्लरी एक उत्तम जैविक खाद का काम करती है। उन्होंने यह भी कहा कि फल व सब्जियों की तकनीकी खेती अपनाकर किसान अपनी आमदनी को कई गुना बढ़ा सकते हैं। समन्वित खेती के जरिए किसान अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकते हैं और यह पर्यावरणीय रूप से भी टिकाऊ विकल्प है। 📌 कार्यक्रम का उद्देश्य – कृषि छात्रों और किसानों को नवीनतम तकनीकों और समन्वित खेती मॉडल से जोड़ना। 🟢 विशेष रिपोर्ट: ग्रामीण भारत की आत्मनिर्भरता का रास्ता समन्वित खेती से होकर जाता है।