राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के मासिक एक्शन प्लान के अनुसार आज दिनांक 12.06.2025 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भरतपुर द्वारा आषा यूनिट-बाल विवाह मुक्त गांव अभियान एवं बालश्रम निषेध विषय पर क्षमतावर्धन हेतु एक दिवसीय जिला कार्यक्रम एडीआर भवन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय परिसर, भरतपुर में प्रयत्न संस्था एवं दिषा फाउण्डेषन के सहयोग से कराया गया।
सर्वप्रथम कार्यक्रम की शुरूआत माननीय जिला एवं सेषन न्यायाधीष एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भरतपुर, केषव कौषिक के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके की गई। केषव कौषिक द्वारा बताया गया कि बाल विवाह एक कानूनी अपराध है तथा बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भरतपुर, अनुतोष गुप्ता द्वारा आषा- जागरूकता समर्थन, सहायता और कार्यवाही, योजना 2025 के अंतर्गत बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, बाल विवाह के हितधाराकों को संवेदनषील, बाल विवाह के रोकने के लिए एक संस्था का ढांचा बनाने तथा बाल विवाह पीड़ितों के पुनर्वास के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसी क्रम में सहायक निदेषक, बाल संरक्षण ईकाई, भरतपुर अमित अवस्थी द्वारा केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई। सेमिनार में श्रम विभाग की लेवर इंस्पेक्टर स्वाति सिंह द्वारा बाल श्रम में लिप्त बालकों के लिए कानूनी प्रावधानों तथा उनके पुनर्वास हेतु योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई। निदेषक, दिषा फाउण्डेषन दिनेष कुमार सिंह द्वारा बाल श्रम एवं बाल विवाह की रोकथाम के लिए चलाई जा रही मुहिम में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया। प्रयत्न संस्थान की प्रोग्राम मैनेजर एवं जस्ट राईट्स फाॅर चिल्ड्रन मुहिम की प्रभारी शालो हैम्बेम द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों के बारे में पी.पी.टी. के माध्यम से जानकारी प्रदान की गई।
इस सेमीनार में आज महिला एवं बाल विकास अधिकारिता विभाग, बाल संरक्षण ईकाई, मानव तस्करी विरोधी यूनिट, पुलिस बाल कल्याण अधिकारी, आषा ईकाई के पैनल अधिवक्ता एवं पैरा लीगल वाॅलिटियर्स द्वारा भाग लिया गया और सेमिनार में प्रयत्न संस्थान की ब्लाॅक कोर्डिनेटर टीना चैधरी, लीगल आॅफिसर नीतू शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता, दिषा फाउण्डेषन मधू शर्मा उपस्थित रहे। यह विज्ञप्ति आमजन से संबंधित है। अतः आपसे अपेक्षा है कि इस सूचना को इलेक्ट्रोनिक एवं प्रिन्ट मीडिया में प्रकाशित करावे ताकि अधिक-से-अधिक व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की गतिविधियों से अवगत हो सके।
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विष्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर एक दिवसीय कार्यषाला का आयोजन
राजस्थान बेधड़क न्यूज से ब्रेकिंग न्यूज़:
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भरतपुर
विष्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर एक दिवसीय कार्यषाला का आयोजन
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के मासिक एक्शन प्लान के अनुसार आज दिनांक 12.06.2025 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भरतपुर द्वारा आषा यूनिट-बाल विवाह
मुक्त गांव अभियान एवं बालश्रम निषेध विषय पर क्षमतावर्धन हेतु एक दिवसीय जिला कार्यक्रम एडीआर भवन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय परिसर,
भरतपुर में प्रयत्न संस्था एवं दिषा फाउण्डेषन के सहयोग से कराया गया।
सर्वप्रथम कार्यक्रम की शुरूआत माननीय जिला एवं सेषन न्यायाधीष एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भरतपुर, केषव कौषिक के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके
की गई। केषव कौषिक द्वारा बताया गया कि बाल विवाह एक कानूनी अपराध है तथा बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। सचिव, जिला
विधिक सेवा प्राधिकरण भरतपुर, अनुतोष गुप्ता द्वारा आषा- जागरूकता समर्थन, सहायता और कार्यवाही, योजना 2025 के अंतर्गत बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रभावी
क्रियान्वयन, बाल विवाह के हितधाराकों को संवेदनषील, बाल विवाह के रोकने के लिए एक संस्था का ढांचा बनाने तथा बाल विवाह पीड़ितों के पुनर्वास के लिए राष्ट्रीय
विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसी क्रम में सहायक निदेषक, बाल संरक्षण ईकाई, भरतपुर
अमित अवस्थी द्वारा केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई। सेमिनार में श्रम
विभाग की लेवर इंस्पेक्टर स्वाति सिंह द्वारा बाल श्रम में लिप्त बालकों के लिए कानूनी प्रावधानों तथा उनके पुनर्वास हेतु योजनाओं के बारे में जानकारी
प्रदान की गई। निदेषक, दिषा फाउण्डेषन दिनेष कुमार सिंह द्वारा बाल श्रम एवं बाल विवाह की रोकथाम के लिए चलाई जा रही मुहिम में सभी विभागों को आपसी समन्वय के
साथ कार्य करने पर जोर दिया। प्रयत्न संस्थान की प्रोग्राम मैनेजर एवं जस्ट राईट्स फाॅर चिल्ड्रन मुहिम की प्रभारी शालो हैम्बेम द्वारा बाल विवाह मुक्त
भारत अभियान के तहत जिले में संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों के बारे में पी.पी.टी. के माध्यम से जानकारी प्रदान की गई।
इस सेमीनार में आज महिला एवं बाल विकास अधिकारिता विभाग, बाल संरक्षण ईकाई, मानव तस्करी विरोधी यूनिट, पुलिस बाल कल्याण अधिकारी, आषा ईकाई के पैनल अधिवक्ता
एवं पैरा लीगल वाॅलिटियर्स द्वारा भाग लिया गया और सेमिनार में प्रयत्न संस्थान की ब्लाॅक कोर्डिनेटर टीना चैधरी, लीगल आॅफिसर नीतू शर्मा, सामाजिक
कार्यकर्ता, दिषा फाउण्डेषन मधू शर्मा उपस्थित रहे। यह विज्ञप्ति आमजन से संबंधित है। अतः आपसे अपेक्षा है कि इस सूचना को इलेक्ट्रोनिक एवं प्रिन्ट मीडिया
में प्रकाशित करावे ताकि अधिक-से-अधिक व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की गतिविधियों से अवगत हो सके।