विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
12/06/20257:55 PMTotal Views: 11181
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
भरतपुर, 12 जून। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मासिक एक्शन प्लान के अनुसार गुरूवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आशा यूनिट-बाल विवाह मुक्त गांव अभियान एवं बालश्रम निषेध विषय पर क्षमतावर्धन हेतु एक दिवसीय जिला कार्यक्रम एडीआर भवन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय परिसर भरतपुर में प्रयत्न संस्था एवं दिशा फाउण्डेशन के सहयोग से कराया गया।
कार्यक्रम की शुरूआत माननीय जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भरतपुर, केशव कौशिक के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके की गई। उन्होंने बताया कि बाल विवाह एक कानूनी अपराध है तथा बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भरतपुर, अनुतोष गुप्ता द्वारा आशा- जागरूकता समर्थन, सहायता और कार्यवाही योजना 2025 के अंतर्गत बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, बाल विवाह के हितधाराकों को संवेदनशील, बाल विवाह के रोकने के लिए एक संस्था का ढांचा बनाने तथा बाल विवाह पीड़ितों के पुनर्वास के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
सहायक निदेशक बाल संरक्षण ईकाई अमित अवस्थी द्वारा केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई। सेमिनार में श्रम विभाग की लेवर इंस्पेक्टर स्वाति सिंह द्वारा बाल श्रम में लिप्त बालकों के लिए कानूनी प्रावधानों तथा उनके पुनर्वास हेतु योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई। निदेशक दिशा फाउण्डेशन दिनेश कुमार सिंह द्वारा बाल श्रम एवं बाल विवाह की रोकथाम के लिए चलाई जा रही मुहिम में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया। प्रयत्न संस्थान की प्रोग्राम मैनेजर एवं जस्ट राईट्स फॉर चिल्ड्रन मुहिम की प्रभारी शालो हैम्बेम द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों के बारे में पीपीटी के माध्यम से जानकारी प्रदान की गई।
सेमीनार में आज महिला एवं बाल विकास अधिकारिता विभाग, बाल संरक्षण ईकाई, मानव तस्करी विरोधी यूनिट, पुलिस बाल कल्याण अधिकारी, आशा ईकाई के पैनल अधिवक्ता एवं पैरा लीगल वॉलिटियर्स द्वारा भाग लिया गया और सेमिनार में प्रयत्न संस्थान की ब्लॉक कोर्डिनेटर टीना चौधरी, लीगल ऑफिसर नीतू शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता, दिशा फाउण्डेशन मधू शर्मा उपस्थित रहे।
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विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
भरतपुर, 12 जून। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मासिक एक्शन प्लान के अनुसार गुरूवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आशा यूनिट-बाल विवाह मुक्त
गांव अभियान एवं बालश्रम निषेध विषय पर क्षमतावर्धन हेतु एक दिवसीय जिला कार्यक्रम एडीआर भवन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय परिसर भरतपुर में
प्रयत्न संस्था एवं दिशा फाउण्डेशन के सहयोग से कराया गया।
कार्यक्रम की शुरूआत माननीय जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भरतपुर, केशव कौशिक के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके की गई।
उन्होंने बताया कि बाल विवाह एक कानूनी अपराध है तथा बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
भरतपुर, अनुतोष गुप्ता द्वारा आशा- जागरूकता समर्थन, सहायता और कार्यवाही योजना 2025 के अंतर्गत बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, बाल विवाह के
हितधाराकों को संवेदनशील, बाल विवाह के रोकने के लिए एक संस्था का ढांचा बनाने तथा बाल विवाह पीड़ितों के पुनर्वास के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण
द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
सहायक निदेशक बाल संरक्षण ईकाई अमित अवस्थी द्वारा केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी
प्रदान की गई। सेमिनार में श्रम विभाग की लेवर इंस्पेक्टर स्वाति सिंह द्वारा बाल श्रम में लिप्त बालकों के लिए कानूनी प्रावधानों तथा उनके पुनर्वास हेतु
योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई। निदेशक दिशा फाउण्डेशन दिनेश कुमार सिंह द्वारा बाल श्रम एवं बाल विवाह की रोकथाम के लिए चलाई जा रही मुहिम में
सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया। प्रयत्न संस्थान की प्रोग्राम मैनेजर एवं जस्ट राईट्स फॉर चिल्ड्रन मुहिम की प्रभारी शालो
हैम्बेम द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों के बारे में पीपीटी के माध्यम से जानकारी प्रदान की
गई।
सेमीनार में आज महिला एवं बाल विकास अधिकारिता विभाग, बाल संरक्षण ईकाई, मानव तस्करी विरोधी यूनिट, पुलिस बाल कल्याण अधिकारी, आशा ईकाई के पैनल अधिवक्ता एवं
पैरा लीगल वॉलिटियर्स द्वारा भाग लिया गया और सेमिनार में प्रयत्न संस्थान की ब्लॉक कोर्डिनेटर टीना चौधरी, लीगल ऑफिसर नीतू शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता,
दिशा फाउण्डेशन मधू शर्मा उपस्थित रहे।