*कृषि विभाग की प्रवर्तन टीमों द्वारा खाद विक्रेताओं का आकस्मिक निरीक्षण* भरतपुर, 29 नवम्बर। जिला कलक्टर कमर चौधरी के निर्देशानुसार किसानों को समय पर एवं उचित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराने की सुनिश्चितता हेतु जिला कृषि विभाग द्वारा शनिवार को जिलेभर में व्यापक आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य उर्वरक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाना, कालाबाजारी पर रोक लगाना एवं खुदरा विक्रेताओं द्वारा निर्धारित नियमों के अनुपालन की जांच करना रहा।

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प्रवर्तन टीमों ने नदबई, बयाना एवं रूपबास क्षेत्र में खाद विक्रेताओं की कुल 9 दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान यूरिया की बिक्री निर्धारित दर पर सुनिश्चित करने के लिए दुकानदारों को पाबंद किया गया। निरीक्षण के दौरान दो दुकानों पर रिकॉर्ड संबंधी कमी पाए जाने पर नोटिस जारी कर कार्रवाई प्रारंभ की गई है। कृषि अधिकारी मनोज कुमार, डॉ. सीमा, पवन कुमार, मुनीम सिंह एवं महेश के नेतृत्व में टीमों ने नदबई ब्लॉक के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित प्रमुख खाद विक्रेताओं का निरीक्षण किया। टीम द्वारा मेसर्स बांके बिहारी खाद बीज भंडार, नदबई को नोटिस दिया गया। निरीक्षण के दौरान स्टॉक का भौतिक सत्यापन, विक्रय बिलों की जांच, वितरण रजिस्टरों का परीक्षण एवं खाद उपलब्धता की स्थिति का अवलोकन किया गया। प्रवर्तन टीमों ने सभी विक्रेताओं को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अनियमितता, कालाबाजारी या अत्यधिक दर वसूली पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उर्वरक वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण नियमित रूप से जारी रहेंगे। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक सुरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जिला कलेक्टर के निर्देशन में यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। किसानों को आवश्यकता अनुसार यूरिया उपलब्ध कराने की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि सरसों में अधिक यूरिया का उपयोग न करें, क्योंकि इससे पौधों में कीट एवं रोग अधिक लगते हैं। यूरिया का उपयोग सिंचाई के बाद ही करें।