16 दिसंबर से 24 दिसंबर तक ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण समस्या समाधान शिविर होंगे आयोजित भरतपुर, 15 दिसम्बर। राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से जिले में “ग्रामीण समस्या समाधान शिविर” आयोजित किए जाएंगे। यह शिविर मंगलवार 16 दिसंबर से 24 दिसंबर 2025 तक आयोजित होंगे, जिसमें 21 दिसंबर (रविवार) को शिविर आयोजित नहीं किया जाएगा। जिले के समस्त भू-अभिलेख मुख्यालयों पर प्रातः 10.00 बजे से सायं 5.00 बजे अथवा कार्य समाप्ति तक आयोजित होंगे।

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जिला कलक्टर कमर चौधरी ने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित प्रकरणों के निस्तारण की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी। शिविरों में राजस्व विभाग से संबंधित फार्मर रजिस्ट्री, ई- किसान गिरदावरी, आपसी सहमति से भूमि विभाजन, लंबित नोटिसों की तामील, नामांतरण, मूल निवास एवं जाति प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों का निस्तारण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राजस्थान संपर्क पोर्टल, सीएमआईएस पोर्टल एवं एमजेएमएस पोर्टल पर ऑनलाइन प्राप्त प्रार्थना पत्रों का निस्तारण भी शिविरों में किया जाएगा। रास्ता खोलने से संबंधित प्रकरणों के साथ-साथ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पशुपालन, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, ऊर्जा, कृषि, उद्यान, वन, आयोजना, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, खाद्य, महिला एवं बाल विकास, जल संसाधन, आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग सहित अन्य विभागों से जुड़े लंबित कार्यों का भी समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 16 दिसंबर को तहसील भरतपुर के भू-अभिलेख वृत्त अघापुर, तहसील नदबई के बछामदी, तहसील भुसावर के भुसावर, तहसील वैर के गांगरौली, तहसील बयाना के समोगर, तहसील रूपवास के इब्राहिमपुर तथा तहसील उच्चौन के उच्चौन भू-अभिलेख निरीक्षक वृत्तों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। जिला कलक्टर ने ग्रामीण नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शिविरों का लाभ उठाएं।