परोपकारी ही नही बल्कि सिद्व पुरूष थे रंगली भगत महाराज - रामायाण पाठ का शुभारम्भ , भण्डरा व सन्त दर्शन 28 को हलैना (विष्णु मित्तल)श्री गुरूमाया भगत जी सेवा समिति,श्री गुरूमाया भक्त मण्डल एवं सिद्व पुरूष रंगली भगत महाराज के शिष्यों के द्वारा पूंछरी का लोठा उत्तरप्रदेश-राजस्थान की सीमावर्ती श्री गुरूमाया भगत जी आश्रम पर सन्त बालकदास महाराज एवं सन्त साधू बाबा के सानिध्यं में 25 जून से 28 जून तक रामायण पाठ,सन्त

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प्रवचन,मानव सेवा,श्रीराम यज्ञ,कीर्तन आदि धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे,25 जून को रामायण पाठ एवं सन्त प्रवचन शुरू हो गए। सन्त प्रवचन करते हुए सन्त बालकदास महाराज ने कहा कि रंगली भगत महाराज एक परोपकारी और सिद्व पुरूष सन्त थे,जिन्होने अपना जीवन मानव सेवा,मूक बधिर प्राणी सेवा,सन्त सेवा,गौवंश सेवा में व्यतीत कर दिया। जिन सन्त ने साल 1956 में सन्त एवं मानव सेवा के साथ-साथ प्रतिदिन 21 सौ वेदमन्त्रों की आहुतियां शुरू की,जो आज भी जारी है। आश्रम के सेवको ने बताया कि पूंछरी के लोठा गुरूमाया भगत जी आश्रम पर 28 जून को श्रीराम यज्ञ की पूर्णाहुति,सन्त समागगम,भण्डारा का आयोजन होगा।