मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से बढ़ा विवाद, पत्रकारों में रोष भरतपुर। भरतपुर जिले की एक पंचायत समिति की ग्राम पंचायत के सचिव द्वारा कथित रूप से मीडिया कर्मियों के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का मामला

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सामने आने के बाद पत्रकारों में नाराज़गी देखी जा रही है। दावा किया जा रहा है कि सचिव ने मीडिया को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसे पत्रकारों ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का अपमान बताया है। पत्रकारों का कहना है कि मीडिया का दायित्व जनहित के मुद्दों को उठाना, सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत सामने लाना और जनता की आवाज़ प्रशासन तक पहुंचाना है। यदि किसी समाचार या रिपोर्ट से किसी अधिकारी या कर्मचारी को आपत्ति है, तो उसके लिए कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं। पूरे मीडिया जगत पर कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी करना उचित नहीं माना जा सकता। पत्रकारों ने यह भी कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र की आधारशिला है। मीडिया पर इस प्रकार की टिप्पणियां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जनहित में कार्य करने वाले पत्रकारों का मनोबल प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस मामले में संबंधित ग्राम सचिव का पक्ष सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। यदि उनका स्पष्टीकरण या बयान प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए ताकि समाचार संतुलित और निष्पक्ष बना रहे। :::