सहमति विभाजन से मिली राहत, वर्षों की चिंता हुई समाप्त*
10/07/20266:35 PMTotal Views: 23866
*सहमति विभाजन से मिली राहत, वर्षों की चिंता हुई समाप्त*
भरतपुर, 10 जुलाई। ग्रामीण सेवा शिविर 2026 आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच साबित हो रहा है। उपखंड वैर की ग्राम पंचायत गांगरोली में शुक्रवार को ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित हुआ। जिसमें ग्राम सिगरावली निवासी दीनदयाल एवं उनके सह-खातेदार मुकेश, मनोज कुमार और यादराम के बीच पैतृक कृषि भूमि का बंटवारा मौके पर किया गया।
ग्राम सिगरावली निवासी दीनदयाल ने बताया कि खातेदारी भूमि का विभाजन लंबे समय से लंबित होने के कारण उन्हें विभिन्न प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। भूमि में मेरे सहित सह-खातेदार मुकेश, मनोज कुमार और यादराम के नाम दर्ज थे। लंबे समय से हम सभी आपसी सहमति से भूमि का विभाजन करवाना चाहते थे, लेकिन उचित अवसर और प्रक्रिया की जानकारी के अभाव में यह कार्य लंबित था। पटवारी हल्का द्वारा उन्हें ग्रामीण सेवा शिविर की जानकारी दी गई, जिसके बाद उन्होंने शिविर में पहुंचकर विभाजन संबंधी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
लाभार्थी ने बताया कि शिविर में उपखण्ड अधिकारी आलोक सिंह की उपस्थिति में हमारे सहमति विभाजन प्रकरण का मौके पर ही निस्तारण करते हुए विभाजन स्वीकृत कर दिया। वर्षों से लंबित यह कार्य एक ही दिन में पूर्ण हो गया। प्रत्येक खातेदार को उसकी हिस्सेदारी स्पष्ट रूप से प्राप्त हो गई है, जिससे भविष्य के विवादों की संभावना समाप्त हो गई है। इस त्वरित और पारदर्शी समाधान से हम सभी परिवारजन अत्यंत प्रसन्न हैं।
दीनदयाल ने राजस्थान सरकार, जिला प्रशासन एवं राजस्व विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। शिविरों ने न केवल हमारी भूमि संबंधी समस्या का समाधान किया, बल्कि प्रशासन के प्रति हमारा विश्वास भी और मजबूत किया है।
—00—
ये ख़बर आपने पढ़ी देश के तेजी से बढ़ते सबसे लोकप्रिय हिंदी न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म पर ,आज तेजी से बदलते परिवेश में जहां हर क्षेत्र का डिजिटलीकरण हो रहा है, ऐसे मेंहमारा यह नएवस पोर्टल सटीक समाचार और तथ्यात्मक रिपोर्ट्स लेकर आधुनिकतकनीक से लैस अपने डिजिटल प्लेटफार्म पर प्रस्तुत है। अपने निडर, निष्पक्ष, सत्य और सटीक लेखनी के साथ मैंप्रधान संपादक कुमार दीपकऔर मेरे सहयोगी अब24x7 आप तक पूरे देश विदेश की खबरों को पहुंचाने के लिए कटिबद्ध हैं।
खबर में दी गई जानकारी और सूचना से क्या आप संतुष्ट हैं? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
सहमति विभाजन से मिली राहत, वर्षों की चिंता हुई समाप्त*
राजस्थान बेधड़क न्यूज से ब्रेकिंग न्यूज़:
भारत में सशक्त मीडिया सेंटर व निष्पक्ष पत्रकारिता को समाज में स्थापित करना हमारे वेब मीडिया न्यूज़ चैनल का विशेष लक्ष्य है। खबरों के क्षेत्र में नई क्रांति लाने के साथ-साथ असहायों व जरूरतमंदों का भी सभी स्तरों पर मदद करना, उनको सामाजिक सुरक्षा देना भी हमारे उद्देश्यों की प्रमुख प्राथमिकताओं में मुख्य रूप से शामिल है। ताकि सर्व जन हिताय और सर्व जन सुखाय की संकल्पना को साकार किया जा सके।
*सहमति विभाजन से मिली राहत, वर्षों की चिंता हुई समाप्त*
भरतपुर, 10 जुलाई। ग्रामीण सेवा शिविर 2026 आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच साबित हो रहा है। उपखंड वैर की ग्राम पंचायत गांगरोली में शुक्रवार
को ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित हुआ। जिसमें ग्राम सिगरावली निवासी दीनदयाल एवं उनके सह-खातेदार मुकेश, मनोज कुमार और यादराम के बीच पैतृक कृषि भूमि का
बंटवारा मौके पर किया गया।
ग्राम सिगरावली निवासी दीनदयाल ने बताया कि खातेदारी भूमि का विभाजन लंबे समय से लंबित होने के कारण उन्हें विभिन्न प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़
रहे थे। भूमि में मेरे सहित सह-खातेदार मुकेश, मनोज कुमार और यादराम के नाम दर्ज थे। लंबे समय से हम सभी आपसी सहमति से भूमि का विभाजन करवाना चाहते थे, लेकिन
उचित अवसर और प्रक्रिया की जानकारी के अभाव में यह कार्य लंबित था। पटवारी हल्का द्वारा उन्हें ग्रामीण सेवा शिविर की जानकारी दी गई, जिसके बाद उन्होंने
शिविर में पहुंचकर विभाजन संबंधी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
लाभार्थी ने बताया कि शिविर में उपखण्ड अधिकारी आलोक सिंह की उपस्थिति में हमारे सहमति विभाजन प्रकरण का मौके पर ही निस्तारण करते हुए विभाजन स्वीकृत कर
दिया। वर्षों से लंबित यह कार्य एक ही दिन में पूर्ण हो गया। प्रत्येक खातेदार को उसकी हिस्सेदारी स्पष्ट रूप से प्राप्त हो गई है, जिससे भविष्य के विवादों की
संभावना समाप्त हो गई है। इस त्वरित और पारदर्शी समाधान से हम सभी परिवारजन अत्यंत प्रसन्न हैं।
दीनदयाल ने राजस्थान सरकार, जिला प्रशासन एवं राजस्व विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बन
रहे हैं। शिविरों ने न केवल हमारी भूमि संबंधी समस्या का समाधान किया, बल्कि प्रशासन के प्रति हमारा विश्वास भी और मजबूत किया है।
---00---