*शहरी सेवा शिविर–2026 में आमजन को मिली त्वरित राहत* *भरतपुर विकास प्राधिकरण ने स्वीकृत किए 341 भूखण्डों के ले-आउट प्लान, 16 प्रकरणों का मौके पर निस्तारण* भरतपुर, 25 जून। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच के अनुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और नागरिक सुविधाओं को सुलभ बनाने के उद्देश्य से भरतपुर विकास

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प्राधिकरण परिसर में आयोजित शहरी सेवा शिविर–2026 आमजन के लिए राहत का माध्यम बन रहा है। शिविर में प्राप्त विभिन्न परिवादों एवं समस्याओं के समाधान के लिए भरतपुर विकास प्राधिकरण आयुक्त कनिष्क कटारिया ने संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए, जिससे नागरिकों को राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं एवं छूटों का लाभ समय पर मिल सके। शिविर के दौरान विकास कार्यों को गति प्रदान करते हुए प्राधिकरण द्वारा विभिन्न आवासीय कॉलोनियों के कुल 341 भूखण्डों के ले-आउट प्लान स्वीकृत किए गए। इनमें श्रीनगर कॉलोनी (खसरा संख्या 01-23) के 23 भूखण्ड, विष्णु नगर पार्ट प्लान के 9 भूखण्ड, विष्णु नगर फेज-2 के 64 भूखण्ड तथा गिरीश बिहार कॉलोनी के 245 भूखण्ड शामिल हैं। इन स्वीकृतियों से संबंधित क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई दिशा मिलेगी तथा अधिकाधिक पात्र नागरिकों को पट्टे जारी किए जा सकेंगे। शिविर में आमजन द्वारा प्रस्तुत परिवादों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। प्राधिकरण ने विभिन्न लंबित मामलों का समाधान करते हुए 6 पट्टे जारी किए, 7 नामांतरण प्रमाण-पत्र प्रदान किए, 1 पुनः जारी पट्टा तथा 2 भवन निर्माण स्वीकृतियां जारी कीं। इस प्रकार कुल 16 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर नागरिकों को तत्काल राहत प्रदान की गई। बीडीए आयुक्त ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप शहरी सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। ऐसे शिविर न केवल प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद को सुदृढ़ बनाते हैं, बल्कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि शहरी सेवा शिविरों के माध्यम से भरतपुर विकास प्राधिकरण आमजन को पारदर्शी, उत्तरदायी और जनहितकारी प्रशासन उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है, जिससे नागरिकों को अपने कार्यों के लिए अनावश्यक कार्यालयी प्रक्रियाओं का सामना न करना पड़े और उन्हें समयबद्ध राहत मिल सके।