भरतपुर। मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर में भरतपुर–मथुरा मार्ग पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम से आमजन परेशान हैं। मंत्री पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्तर प्रदेश से सरसों लेकर आने वाले बड़े ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की भारी आवाजाही के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।
लोगों का आरोप है कि खेती के लिए पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्रॉलियां व्यावसायिक परिवहन में इस्तेमाल हो रही हैं, जिससे सड़क पर दबाव बढ़ रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना रहता है। स्थानीय नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि शहर में प्रवेश से पहले वाहनों की जांच होने के बावजूद इन भारी वाहनों की प्रभावी जांच और नियंत्रण क्यों नहीं किया जा रहा।
रोजाना लगने वाले जाम से स्कूली बच्चों, मरीजों, व्यापारियों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की नियमित जांच की जाए, व्यावसायिक उपयोग पर नियमों के अनुसार कार्रवाई हो तथा यातायात व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए, ताकि आमजन को जाम और दुर्घटनाओं के खतरे से राहत मिल सके
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सीएम सिटी भरतपुर में जाम से जनता बेहाल
भरतपुर। मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर में भरतपुर–मथुरा मार्ग पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम से आमजन परेशान हैं। मंत्री पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर
घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्तर प्रदेश से सरसों लेकर आने वाले बड़े ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की भारी आवाजाही के
कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।
लोगों का आरोप है कि खेती के लिए पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्रॉलियां व्यावसायिक परिवहन में इस्तेमाल हो रही हैं, जिससे सड़क पर दबाव बढ़ रहा है और दुर्घटनाओं का
खतरा भी लगातार बना रहता है। स्थानीय नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि शहर में प्रवेश से पहले वाहनों की जांच होने के बावजूद इन भारी वाहनों की प्रभावी जांच और
नियंत्रण क्यों नहीं किया जा रहा।
रोजाना लगने वाले जाम से स्कूली बच्चों, मरीजों, व्यापारियों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि
ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की नियमित जांच की जाए, व्यावसायिक उपयोग पर नियमों के अनुसार कार्रवाई हो तथा यातायात व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए, ताकि आमजन
को जाम और दुर्घटनाओं के खतरे से राहत मिल सके