राजस्थान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ (रुक्टा) ने माननीय उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर महाविद्यालय शिक्षकों के स्थानांतरण को पूर्णतः पारदर्शी, न्यायसंगत एवं नीतिगत आधार पर किए जाने की मांग की है।
रुक्टा महामंत्री प्रो बनयसिंह ने
ज्ञापन में वर्ष 2024 में प्रस्तुत पूर्व ज्ञापनों का संदर्भ देते हुए कहा कि उच्च शिक्षा विभाग में स्पष्ट स्थानांतरण नीति के अभाव में कई बार शिक्षकों के साथ मनमाने एवं विद्वेषपूर्ण स्थानांतरण की शिकायतें सामने आती रही हैं। इससे विशेष रूप से महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग तथा दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे स्थानांतरण न केवल शिक्षकों के पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन को प्रभावित करते हैं, बल्कि महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता एवं कार्य वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
रुक्टा ने ज्ञापन में उपमुख्यमंत्री के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए आग्रह किया कि स्थानांतरण संबंधी निर्णय स्पष्ट एवं पारदर्शी नीति के आधार पर लिए जाएं तथा केवल वास्तविक प्रशासनिक आवश्यकता अथवा स्वैच्छिक स्थानांतरण के मामलों में ही शिक्षकों का स्थानांतरण किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी शिक्षक को व्यक्तिगत विद्वेष या अनावश्यक कारणों से दूरस्थ महाविद्यालयों में स्थानांतरित न किया जाए।
रुक्टा के महामंत्री प्रो. बनय सिंह ने कहा कि संगठन सदैव शिक्षक हितों के साथ-साथ उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता हो तो वे स्वयं संगठन के प्रतिनिधि के रूप में प्रत्येक माह अलग-अलग महाविद्यालयों में स्थानांतरण अथवा कार्यव्यवस्थार्थ भेजे जाने के लिए भी तैयार हैं तथा इसके लिए वे वेतन के अतिरिक्त किसी प्रकार के भत्ते की अपेक्षा नहीं रखते।
रुक्टा ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार शिक्षकों के साथ न्यायपूर्ण एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए पारदर्शी स्थानांतरण व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। संगठन ने पुनः आश्वस्त किया कि प्रदेश के विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक उच्च शिक्षा के उत्थान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे।
प्रो बनय सिंह
महामंत्री – रुक्टा
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नीतिगत हों स्थानांतरण;* *मैं हर माह जाने को तैयार : प्रो बनय सिंह*
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*नीतिगत हों स्थानांतरण;*
*मैं हर माह जाने को तैयार : प्रो बनय सिंह*
राजस्थान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ (रुक्टा) ने माननीय उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर महाविद्यालय शिक्षकों
के स्थानांतरण को पूर्णतः पारदर्शी, न्यायसंगत एवं नीतिगत आधार पर किए जाने की मांग की है।
रुक्टा महामंत्री प्रो बनयसिंह ने
ज्ञापन में वर्ष 2024 में प्रस्तुत पूर्व ज्ञापनों का संदर्भ देते हुए कहा कि उच्च शिक्षा विभाग में स्पष्ट स्थानांतरण नीति के अभाव में कई बार शिक्षकों के साथ
मनमाने एवं विद्वेषपूर्ण स्थानांतरण की शिकायतें सामने आती रही हैं। इससे विशेष रूप से महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग तथा दूरस्थ
क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे स्थानांतरण न केवल शिक्षकों के पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन को
प्रभावित करते हैं, बल्कि महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता एवं कार्य वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
रुक्टा ने ज्ञापन में उपमुख्यमंत्री के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए आग्रह किया कि स्थानांतरण संबंधी निर्णय स्पष्ट एवं पारदर्शी नीति के आधार पर लिए
जाएं तथा केवल वास्तविक प्रशासनिक आवश्यकता अथवा स्वैच्छिक स्थानांतरण के मामलों में ही शिक्षकों का स्थानांतरण किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि
किसी भी शिक्षक को व्यक्तिगत विद्वेष या अनावश्यक कारणों से दूरस्थ महाविद्यालयों में स्थानांतरित न किया जाए।
रुक्टा के महामंत्री प्रो. बनय सिंह ने कहा कि संगठन सदैव शिक्षक हितों के साथ-साथ उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा कि
यदि आवश्यकता हो तो वे स्वयं संगठन के प्रतिनिधि के रूप में प्रत्येक माह अलग-अलग महाविद्यालयों में स्थानांतरण अथवा कार्यव्यवस्थार्थ भेजे जाने के लिए भी
तैयार हैं तथा इसके लिए वे वेतन के अतिरिक्त किसी प्रकार के भत्ते की अपेक्षा नहीं रखते।
रुक्टा ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार शिक्षकों के साथ न्यायपूर्ण एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए पारदर्शी स्थानांतरण व्यवस्था सुनिश्चित
करेगी। संगठन ने पुनः आश्वस्त किया कि प्रदेश के विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक उच्च शिक्षा के उत्थान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण तथा विद्यार्थियों के
सर्वांगीण विकास के लिए पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे।
प्रो बनय सिंह
महामंत्री - रुक्टा