सरपंच_एवं_सेक्रेटरी_पर_भ्रष्टाचार_के_आरोप पानी से भरे पोखर में कागजों पर चली खुदाई! 7 दिन की कथित फर्जी मस्टरोल पर ग्रामीणों का हंगामा – राजस्थान बेधड़क न्यूज
भरतपुर। भरतपुर जिले की उच्चैन पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली खडैरा ग्राम पंचायत के दयौपुरा गांव से मनरेगा कार्यों में कथित भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी (सेक्रेटरी) पर मिलीभगत कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों के अनुसार गांव का एक पोखर इस समय पूरी तरह पानी से लबालब भरा हुआ है, जहां धरातल पर किसी प्रकार की खुदाई या सुदृढ़ीकरण का कार्य होना संभव ही नहीं था। इसके बावजूद आरोप है कि 17 तारीख से इस कार्य के लिए मनरेगा की मस्टरोल जारी कर दी गई और 24 तारीख तक लगातार सात दिनों तक कागजों में मजदूरों से कार्य कराया जाना दर्शाया गया। ग्रामीणों का दावा है कि मौके पर एक तगारी मिट्टी तक नहीं हटाई गई, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में कार्य जारी दिखाया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि जब कथित अनियमितताओं की जानकारी गांव में फैलने लगी और लोगों ने विरोध शुरू किया, तब पंचायत प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश की। आरोप है कि 25 तारीख को आनन-फानन में संबंधित मस्टरोल बंद कर उच्चैन पंचायत समिति में जमा करवा दी गई, ताकि कथित गड़बड़ी पर पर्दा डाला जा सके।
इस घटनाक्रम के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने जिला कलेक्टर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद तथा अन्य संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच, मौके का भौतिक सत्यापन, मस्टरोल एवं भुगतान रिकॉर्ड की जांच तथा यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की मांग की है।
(नोट: यह समाचार ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित पक्ष का जवाब प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
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सरपंच_एवं_सेक्रेटरी_पर_भ्रष्टाचार_के_आरोप पानी से भरे पोखर में कागजों पर चली खुदाई! 7 दिन की कथित फर्जी मस्टरोल पर ग्रामीणों का हंगामा
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#सरपंच_एवं_सेक्रेटरी_पर_भ्रष्टाचार_के_आरोप
पानी से भरे पोखर में कागजों पर चली खुदाई! 7 दिन की कथित फर्जी मस्टरोल पर ग्रामीणों का हंगामा
भरतपुर। भरतपुर जिले की उच्चैन पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली खडैरा ग्राम पंचायत के दयौपुरा गांव से मनरेगा कार्यों में कथित भ्रष्टाचार का गंभीर मामला
सामने आया है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी (सेक्रेटरी) पर मिलीभगत कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का
कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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था। इसके बावजूद आरोप है कि 17 तारीख से इस कार्य के लिए मनरेगा की मस्टरोल जारी कर दी गई और 24 तारीख तक लगातार सात दिनों तक कागजों में मजदूरों से कार्य कराया
जाना दर्शाया गया। ग्रामीणों का दावा है कि मौके पर एक तगारी मिट्टी तक नहीं हटाई गई, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में कार्य जारी दिखाया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि जब कथित अनियमितताओं की जानकारी गांव में फैलने लगी और लोगों ने विरोध शुरू किया, तब पंचायत प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश की।
आरोप है कि 25 तारीख को आनन-फानन में संबंधित मस्टरोल बंद कर उच्चैन पंचायत समिति में जमा करवा दी गई, ताकि कथित गड़बड़ी पर पर्दा डाला जा सके।
इस घटनाक्रम के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने जिला कलेक्टर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद तथा अन्य संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण
की निष्पक्ष जांच, मौके का भौतिक सत्यापन, मस्टरोल एवं भुगतान रिकॉर्ड की जांच तथा यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध
नियमानुसार कठोर कार्रवाई की मांग की है।
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