अगावली में सिलिका क्रेशर को लेकर ग्रामीणों का बड़ा आरोप — ब्लास्टिंग, अतिक्रमण और प्रदूषण से परेशान होने का दावा भरतपुर/बयाना। ग्राम अगावली में संचालित शिवालिक सिलिका सैण्ड लीज संख्या ML/02/1993 को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने गंभीर शिकायतें रखते हुए कार्रवाई की

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मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि आबादी क्षेत्र में क्रेशर संचालन के कारण उन्हें लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।   शिकायत में आरोप लगाया गया है कि क्रेशर क्षेत्र में बड़े-बड़े होल कर ब्लास्टिंग की जाती है, जिससे आसपास के मकानों में दरारें आने और छतों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं हुई हैं। ग्रामीणों ने चारागाह, सिवायचक, पोखर और श्मशान भूमि पर कथित अतिक्रमण का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि श्मशान जाने वाले रास्ते पर गेट लगाए जाने से अंतिम संस्कार के समय भी परेशानी होती है।   ग्रामीणों के मुताबिक, पत्थर और सिलिका सैण्ड से भरे भारी वाहनों की आवाजाही से गांव में जाम और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। शिकायत में स्कूल के आसपास बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है।   सबसे गंभीर आरोप प्रदूषण को लेकर लगाए गए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि आबादी से करीब 50 मीटर की दूरी पर क्रेशर और बड़ी मशीनें संचालित होने से धूल एवं ध्वनि प्रदूषण फैल रहा है।   ग्रामीणों ने प्रशासन से मौका निरीक्षण, रिकॉर्ड की जांच और आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल है—क्या संबंधित विभाग इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर ग्रामीणों को राहत दिलाएगा?