भरतपुर मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित ओमजी सिटी में वीडीए (VDA) की बड़ी कार्रवाई के बाद कॉलोनीवासियों में जबरदस्त गुस्सा और आक्रोश देखा जा रहा है। नवरात्रि का पावन पर्व बेहद करीब है, ऐसे में कॉलोनी परिसर में बने धार्मिक स्थल पर चले बुलडोजर ने लोगों की आस्था पर गहरा आघात किया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि ओमजी सिटी को कॉलोनाइजर द्वारा विकसित करने के बाद यूआईटी द्वारा कन्वर्ट किया गया था। इस कॉलोनी में राम परिवार समेत विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित थीं, जहां वर्षों से स्थानीय महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की अटूट आस्था जुड़ी हुई थी। नवरात्रि के अवसर पर यहां भव्य धार्मिक आयोजनों की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन वीडीए की इस अचानक हुई कार्रवाई ने त्योहार की खुशियों को आक्रोश में बदल दिया।
मुख्यमंत्री के गृह जिले में उठे गंभीर सवाल
इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने सीधे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कॉलोनीवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री स्वयं धार्मिक परंपराओं, गोवर्धन पूजा और सनातन आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। ऐसे में उनके अपने जिले में नवरात्रि से ठीक पहले मंदिर पर इस तरह कार्रवाई होना अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रशासन की कार्यशैली पर खड़े हुए सवाल:
बिना संवाद कार्रवाई: निवासियों का तर्क है कि यदि जमीन, निर्माण या नियमों को लेकर कोई आपत्ति थी, तो प्रशासन को पहले लोगों से संवाद कर वैधानिक समाधान निकालना चाहिए था।
कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं: कार्रवाई से पहले मूर्तियों के सम्मानजनक विस्थापन या किसी वैकल्पिक स्थल की कोई व्यवस्था नहीं की गई।
आस्था बनाम नियम: बिना पूर्व सूचना मंदिर ध्वस्त करने से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
अब क्षेत्र में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन आस्था के इस केंद्र के लिए कोई सम्मानजनक समाधान निकालेगा या नवरात्रि के पावन पर्व पर यह मुद्दा यूं ही गरमाया रहेगा?
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CM के गृह जिले भरतपुर में गरमाया मंदिर तोड़े जाने का मुद्दा, नवरात्रि से पहले लोगों में भारी आक्रोश
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भरतपुर न्यूज़
CM के गृह जिले भरतपुर में गरमाया मंदिर तोड़े जाने का मुद्दा, नवरात्रि से पहले लोगों में भारी आक्रोश
भरतपुर मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित ओमजी सिटी में वीडीए (VDA) की बड़ी कार्रवाई के बाद कॉलोनीवासियों में जबरदस्त गुस्सा और आक्रोश देखा जा रहा है। नवरात्रि
का पावन पर्व बेहद करीब है, ऐसे में कॉलोनी परिसर में बने धार्मिक स्थल पर चले बुलडोजर ने लोगों की आस्था पर गहरा आघात किया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि ओमजी सिटी को कॉलोनाइजर द्वारा विकसित करने के बाद यूआईटी द्वारा कन्वर्ट किया गया था। इस कॉलोनी में राम परिवार समेत
विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित थीं, जहां वर्षों से स्थानीय महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की अटूट आस्था जुड़ी हुई थी। नवरात्रि के अवसर पर यहां
भव्य धार्मिक आयोजनों की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन वीडीए की इस अचानक हुई कार्रवाई ने त्योहार की खुशियों को आक्रोश में बदल दिया।
मुख्यमंत्री के गृह जिले में उठे गंभीर सवाल
इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने सीधे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कॉलोनीवासियों का कहना है कि
मुख्यमंत्री स्वयं धार्मिक परंपराओं, गोवर्धन पूजा और सनातन आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। ऐसे में उनके अपने जिले में नवरात्रि से ठीक पहले मंदिर पर
इस तरह कार्रवाई होना अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रशासन की कार्यशैली पर खड़े हुए सवाल:
बिना संवाद कार्रवाई: निवासियों का तर्क है कि यदि जमीन, निर्माण या नियमों को लेकर कोई आपत्ति थी, तो प्रशासन को पहले लोगों से संवाद कर वैधानिक समाधान
निकालना चाहिए था।
कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं: कार्रवाई से पहले मूर्तियों के सम्मानजनक विस्थापन या किसी वैकल्पिक स्थल की कोई व्यवस्था नहीं की गई।
आस्था बनाम नियम: बिना पूर्व सूचना मंदिर ध्वस्त करने से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
अब क्षेत्र में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन आस्था के इस केंद्र के लिए कोई सम्मानजनक समाधान निकालेगा या नवरात्रि के पावन पर्व पर यह मुद्दा यूं
ही गरमाया रहेगा?