जयपुर का कारोबार छोड़ गांव की चौपाल तक पहुंचे इंजीनियर अर्जुन! रेंज रोवर में चलने वाला युवा अब बिड़यारी को बनाएगा मॉडल ग्राम पंचायत?  

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भरतपुर/बयाना। महंगी गाड़ी, जयपुर में कारोबार और दिल में अपने गांव के विकास का सपना! बयाना उपखंड की बिड़यारी ग्राम पंचायत में सरपंच पद के दावेदार युवा व्यवसायी इंजीनियर अर्जुन इन दिनों चर्चाओं में हैं। जयपुर में अपना व्यवसाय करने वाले अर्जुन ने गांव की समस्याओं को करीब से समझने और बदलाव की पहल करने के उद्देश्य से सरपंच पद के चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है।   गांव की चौपालों पर विकास की चर्चा, कागजों में नाला और जमीन पर सवाल! बिड़यारी में एक नाले के निर्माण को लेकर चर्चा है। ग्रामीणों के बीच दावा किया जा रहा है कि नाला कागजों में बना, लेकिन धरातल पर उसकी स्थिति अलग है। इस मामले की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में गांव के विकास कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।   इसी माहौल के बीच इंजीनियर अर्जुन अपनी अलग सोच के साथ सामने आए हैं। रेंज रोवर जैसी महंगी गाड़ी में चलने वाले इस युवा व्यवसायी का कहना है कि गांव का विकास केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि ईमानदार प्रयासों और ठोस कार्ययोजना से होगा। अर्जुन ने अपने निजी खर्च से एक स्कूल में हॉल बनवाने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने की पहल भी की है।   मरीजों की मदद से लेकर बच्चों के भविष्य तक—अर्जुन का मॉडल पंचायत का सपना! उनकी योजना है कि जरूरतमंद मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए निजी खर्च पर एंबुलेंस उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। वे डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों से प्रेरित होकर समानता, शिक्षा और गरीबों के उत्थान के लिए काम करना चाहते हैं।   अर्जुन बिड़यारी को ऐसी मॉडल ग्राम पंचायत बनाना चाहते हैं, जहां सीसीटीवी कैमरे, स्वच्छ वातावरण, बच्चों के खेलने का मैदान, सार्वजनिक शौचालय, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, साफ-सुथरी नालियां और बेहतर मूलभूत सुविधाएं हों।   अब सवाल सिर्फ सरपंच की कुर्सी का नहीं, गांव के भविष्य का है! क्या जयपुर में कारोबार करने वाला यह युवा अपनी सोच को धरातल पर उतारकर बिड़यारी की तस्वीर बदल पाएगा? क्या गांव को मिलेगा विकास का नया मॉडल? इसका फैसला जनता करेगी और असली कसौटी होगी—वादे नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाले काम।