घाटरी में आंदोलन ने पकड़ा उग्र रूप, अनिश्चितकालीन धरना भूख हड़ताल में बदला; गूंजा नारा— “न्याय दो या मार दो”
02/08/202610:34 AMTotal Views: 25683
घाटरी में आंदोलन ने पकड़ा उग्र रूप, अनिश्चितकालीन धरना भूख हड़ताल में बदला; गूंजा नारा— “न्याय दो या मार दो”
भरतपुर। भुसावर उपखंड के घाटरी गांव में कथित अवैध खनन और क्रेशरों के विरोध में ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी है। धरना स्थल पर लगातार “न्याय दो या मार दो” के नारे गूंज रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपने गांव, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को बचाने के लिए यह संघर्ष कर रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से क्षेत्र में कथित अवैध खनन और क्रेशरों से धूल प्रदूषण, पर्यावरणीय नुकसान और जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि कई बार शिकायतें और ज्ञापन देने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण उन्हें अनिश्चितकालीन धरना शुरू करना पड़ा, जो अब भूख हड़ताल में बदल गया है।
आंदोलनकारियों के अनुसार प्रशासन की ओर से अब तक केवल तहसीलदार और पटवारी धरना स्थल पर पहुंचे तथा ग्रामीणों से वार्ता की। हालांकि प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें कोई ठोस समाधान, लिखित आश्वासन या प्रभावी कार्रवाई का भरोसा नहीं मिला। इससे ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
भूख हड़ताल पर बैठे लोगों ने साफ कहा है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि जनहित और पर्यावरण संरक्षण के लिए है। उनका कहना है कि वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे, जब तक उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद हैं और महिलाओं, युवाओं तथा बुजुर्गों का भी आंदोलन को समर्थन मिल रहा है।
फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। घाटरी का यह आंदोलन अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी
हैं।
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घाटरी में आंदोलन ने पकड़ा उग्र रूप, अनिश्चितकालीन धरना भूख हड़ताल में बदला; गूंजा नारा— “न्याय दो या मार दो”
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घाटरी में आंदोलन ने पकड़ा उग्र रूप, अनिश्चितकालीन धरना भूख हड़ताल में बदला; गूंजा नारा— "न्याय दो या मार दो"
भरतपुर। भुसावर उपखंड के घाटरी गांव में कथित अवैध खनन और क्रेशरों के विरोध में ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है।
आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी है। धरना स्थल पर लगातार "न्याय दो या मार दो" के नारे गूंज
रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपने गांव, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को बचाने के लिए यह संघर्ष कर रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से क्षेत्र में कथित अवैध खनन और क्रेशरों से धूल प्रदूषण, पर्यावरणीय नुकसान और जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि
कई बार शिकायतें और ज्ञापन देने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण उन्हें अनिश्चितकालीन धरना शुरू करना पड़ा, जो अब भूख हड़ताल में बदल गया
है।
आंदोलनकारियों के अनुसार प्रशासन की ओर से अब तक केवल तहसीलदार और पटवारी धरना स्थल पर पहुंचे तथा ग्रामीणों से वार्ता की। हालांकि प्रदर्शनकारियों का कहना
है कि उन्हें कोई ठोस समाधान, लिखित आश्वासन या प्रभावी कार्रवाई का भरोसा नहीं मिला। इससे ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
भूख हड़ताल पर बैठे लोगों ने साफ कहा है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि जनहित और पर्यावरण संरक्षण के लिए है। उनका कहना है कि वे तब तक
पीछे नहीं हटेंगे, जब तक उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद हैं और महिलाओं, युवाओं तथा बुजुर्गों का भी
आंदोलन को समर्थन मिल रहा है।
फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा
रही है। घाटरी का यह आंदोलन अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी
हैं।