"न्याय दो या मार दो" से गूंजा धरना स्थल, 9वें दिन भी नहीं टूटी प्रशासन की चुप्पी भरतपुर। घटरी क्षेत्र में कथित अवैध खनन और संचालित क्रशरों के विरोध में ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना लगातार जारी है। 27 जुलाई से शुरू हुआ यह आंदोलन अब और तेज होता दिखाई दे रहा है। धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों का एक ही नारा है—"न्याय दो या मार दो।" ग्रामीणों का आरोप है कि खनन और क्रशरों से उड़ने वाली धूल, प्रदूषण और भारी वाहनों की आवाजाही ने आम लोगों का जीवन प्रभावित कर दिया है।

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धरने को और मजबूती तब मिली जब 30 जुलाई से एक संत ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। कई दिनों से भूख हड़ताल जारी रहने के बावजूद प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की है। ग्रामीणों का कहना है कि वे केवल अवैध गतिविधियों पर रोक और क्षेत्रवासियों को राहत दिलाने की मांग कर रहे हैं। धरना स्थल पर महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की लगातार मौजूदगी आंदोलन को जनसमर्थन मिलने का संकेत दे रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन खनन और क्रशर संचालन से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई करेगा, या फिर यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा। पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह विरोध प्रदर्शन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है।