भरतपुर, 04 अगस्त। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार संचालित ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे अभियान के तहत मंगलवार को जिले के विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भरतपुर के अध्यक्ष बलजीत सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को शोषण के खिलाफ आवाज उठाओ, स्वयं अपने रक्षक बनो, गुड टच-बैड टच में फर्क समझो, सुरक्षित रहो विषय पर जागरूक करना रहा। अभियान के अंतर्गत न्यायिक अधिकारियों ने कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, आत्म-सुरक्षा और बाल संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में सामान्य शिक्षा के साथ-साथ विधिक जागरूकता भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भरतपुर के सचिव नवीन कुमार किलानिया ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, चिचाना उच्चैन में विधिक जागरूकता शिविर को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच, बालक-बालिकाओं के अधिकार, पोक्सो अधिनियम-2012, किशोर न्याय अधिनियम-2015, भारतीय न्याय संहिता-2023, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम, एंटी-रैगिंग कानून, निःशुल्क विधिक सहायता, बाल विवाह के दुष्परिणाम तथा राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
जिले के अन्य न्यायिक अधिकारियों ने भी विभिन्न विद्यालयों में आयोजित शिविरों में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को डिजिटल युग में इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों के सुरक्षित उपयोग, साइबर जागरूकता एवं डेटा सुरक्षा के प्रति सचेत किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि अभियान के अगले चरण में 18 अगस्त, तृतीय मंगलवार को जिले के अन्य विद्यालयों में भी इसी विषय पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिकाधिक विद्यार्थियों तक विधिक जानकारी एवं सुरक्षा संबंधी संदेश पहुंचाया जा सके।
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विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच, पोक्सो कानून और आत्म-सुरक्षा की दी जानकारी*
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*विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच, पोक्सो कानून और आत्म-सुरक्षा की दी जानकारी*
भरतपुर, 04 अगस्त। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार संचालित ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे अभियान के तहत मंगलवार को जिले के विभिन्न
सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भरतपुर के अध्यक्ष बलजीत सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को शोषण के खिलाफ आवाज
उठाओ, स्वयं अपने रक्षक बनो, गुड टच-बैड टच में फर्क समझो, सुरक्षित रहो विषय पर जागरूक करना रहा। अभियान के अंतर्गत न्यायिक अधिकारियों ने कक्षा 9 से 12वीं तक के
विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, आत्म-सुरक्षा और बाल संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में
सामान्य शिक्षा के साथ-साथ विधिक जागरूकता भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भरतपुर के सचिव नवीन कुमार किलानिया ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, चिचाना उच्चैन में विधिक जागरूकता शिविर को संबोधित
किया। उन्होंने विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच, बालक-बालिकाओं के अधिकार, पोक्सो अधिनियम-2012, किशोर न्याय अधिनियम-2015, भारतीय न्याय संहिता-2023, चाइल्ड
हेल्पलाइन 1098, बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम, एंटी-रैगिंग कानून, निःशुल्क विधिक सहायता, बाल विवाह के दुष्परिणाम तथा राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना
सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक
बनने के लिए प्रेरित किया।
जिले के अन्य न्यायिक अधिकारियों ने भी विभिन्न विद्यालयों में आयोजित शिविरों में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को डिजिटल युग में इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों
के सुरक्षित उपयोग, साइबर जागरूकता एवं डेटा सुरक्षा के प्रति सचेत किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि अभियान के अगले चरण में 18 अगस्त, तृतीय मंगलवार को जिले के अन्य विद्यालयों में भी इसी विषय पर विधिक जागरूकता शिविर
आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिकाधिक विद्यार्थियों तक विधिक जानकारी एवं सुरक्षा संबंधी संदेश पहुंचाया जा सके।
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